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पटना, 8 मार्चः रविवार को एकेडमी ऑफ ग्लोबल अचिवर्स के सौजन्य से पटना के विद्यापति भवन में “ग्लोबल आइकन अवार्ड 2026″ समारोह का आयोजन किया गया।”ग्लोबल आइकन अवार्ड 2026″ में पटना जिला के पटना सदर, पटना सिटी, दानापुर, पालीगंज, मसौढ़ी एवं बाढ़ आदि सभी 6 अनुमंडल के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख, प्राचार्य, प्राचार्या शिक्षक-शिक्षिका, सामाजिक नेता, शिक्षाविद और गणमान्य लोग हज़ारों की संख्या में हिस्सा लिया।”ग्लोबल आइकन अवार्ड 2026” का शुभारंभ
एकेडमी ऑफ ग्लोबल अचिवर्स के चेयरमैन,सह चाणक्या फाउंडेशन ग्रुप ऑफ इंस्टिचियूशन निदेशक, सह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पटना के भावी प्रत्याशी डॉ दिव्य ज्योति, चाणक्या फाउंडेशन ग्रुप ऑफ इंस्टिचियूशन व डॉ अशोक गगन कॉलेज के अध्यक्ष डॉ अशोक गगन,पूर्व सांसद सह अवकाश प्राप्त वीसी डॉ रामजी सिंह,
महाराष्ट्रा,वर्धा ,महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के एक्स वाइसचांसलर डॉ कृष्णा कुमार सिंह, छपरा,जेपी विश्वविद्यालय के अवकाशप्राप्त हिंदी एचओडी डॉ अनिता राकेश,नेता बिहार विधानमंडल डॉ शकील अहमद खां,एसएनबी फाउंडेशन के निदेशक डॉ विजय कुमार सिंह,गवर्नमेंट फ़ार्मेसी कॉलेज प्रिंसिपल डॉ शैलेन्द्र सिंह,प्रचार्य डॉ उषा विद्यार्थी, डॉ कृष्णा कुमारी सिंह,असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ मधुबाला,डॉ अमला
आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।कार्यक्रम का उद्देश्य उन शिक्षकों की समर्पण, नेतृत्व और प्रतिबद्धता को पहचानना था, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से समाज के भविष्य को आकार दे रहे हैं।समारोह को संबोधित करते हुए, “ग्लोबल आइकन अवार्ड – 2026” की मेजबान डॉ. दिव्या ज्योति ने समाज को आकार देने और शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति सबके सामने है, इसके बावजूद राज्य के युवाओं में देश भर में उत्कृष्टता प्राप्त करने की बहुत क्षमता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हालांकि बिहार के शिक्षा क्षेत्र को हमेशा वह ध्यान नहीं मिला, जिसके वह हकदार है, यह शिक्षकों की समर्पण है, जो इस प्रणाली को कार्यशील और प्रगतिशील बनाए रखे हुए है।
डॉ. ज्योति ने कहा कि जबकि एक डॉक्टर इलाज कर सकता है, एक इंजीनियर भवन बना सकता है और पेशेवर उन्नत तकनीक बना सकते हैं, लेकिन अंततः एक शिक्षक ही भविष्य के सक्षम डॉक्टर, इंजीनियर और पेशेवर तैयार करता है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक अगली पीढ़ी के शिक्षकों को भी तैयार करते हैं, जो भविष्य की पीढ़ियों को शिक्षा में योगदान देंगे।उन्होंने शिक्षकों के कल्याण के संबंध में चिंता व्यक्त की और निजी शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए बेहतर समर्थन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बिहार सरकार के माध्यम से निजी संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के लिए बढ़े हुए वेतन और निश्चित मासिक पारिश्रमिक की वकालत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
डॉ.ज्योति ने बिहार के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के बच्चों के लिए आरक्षण के अवसरों की मांग को और सरकारी स्कूल के शिक्षकों के लिए समय पर पदोन्नति और वेतन वृद्धि के महत्व पर जोर दिया।वही उन्होंने चाणक्य फाउंडेशन ग्रुप ऑफ कॉलेजेज और डॉ. अशोक गगन ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के संस्थानों में शिक्षकों के बच्चों के लिए 30 प्रतिशत की फीस छूट की घोषणा की, जो समाज में शिक्षकों के योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक है।वही चाणक्य फाउंडेशन ग्रुप ऑफ इंस्टीटूशन और डॉ. अशोक गगन कॉलेजे के अध्यक्ष अशोक गगन ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को उन्नत करने पर जोर देते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों की।सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है।जिसके लिये सच्चे और लगातार प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि बिहार को देश के अन्य राज्यो के बीच शैक्षिक उत्कृष्टता और शैक्षिक नेतृत्व के लिए पहचाना जाए।डॉ. गगन ने राज्य के शिक्षकों के अटूट समर्पण और प्रतिबद्धता के लिए उनका दिल से आभार व्यक्त किया, स्वीकार करते हुए कि कई चुनौतियों के बावजूद, यह उनकी अथक प्रयास है, जो बिहार की शिक्षा प्रणाली को जीब और आगे बढ़ा रही है।वही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद सह पूर्व वाइसचांसलर डॉ रामजी सिंह ने सभी प्राचार्यों को सम्मानित करते हुए कहा कि शिक्षा समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार है और प्राचार्य विद्यालयों के मार्गदर्शक स्तंभ होते हैं।उन्होंने कहा कि एक अच्छे प्राचार्य के नेतृत्व में विद्यालय न केवल पढ़ाई में बल्कि संस्कार, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण में भी उत्कृष्टता प्राप्त करता है। ऐसे में शिक्षा जगत में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्राचार्यों को सम्मानित करना पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है।महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा महाराष्ट्रा, ,के एक्स वाइसचांसलर डॉ कृष्णा कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में शिक्षा को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की आवश्यकता है। प्राचार्य और शिक्षक यदि नई तकनीक, नवाचार और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाएं तो देश के विद्यार्थियों को विश्व स्तर की शिक्षा मिल सकती है।डॉ अहमद खां ने कहा कि शिक्षक एक ज्ञानवान और प्रगतिशील समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।उन्होंने इस तरह का सम्मान कार्यक्रम के लिये आयोजक डॉ दिव्य ज्योति से आशा व्यक्त की कि ऐसी पहल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करेगी और शिक्षकों और छात्रों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करेगी।कार्यक्रम के अंत मे सैकडों कॉलेज एवं स्कूल से पंहुचे महिला- पुरुष प्रचार्य,शिक्षक,शिक्षविद आदि को
शिक्षा और राष्ट्र-निर्माण में उनके असाधारण योगदान व उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।ये सम्मान चार प्रमुख श्रेणियों में प्रदान किए गए। जिनमें एकेडमिक एक्सीलेंस एंड लीडरशिप अवार्ड (प्रिंसिपल पुरुष), एडुकेटर एक्सीलेंस लीडरशिप अवार्ड (प्रिंसिपल महिला), नेशन बिल्डर अवार्ड (शिक्षक – पुरुष) और विद्या ज्योति अवार्ड (शिक्षक महिला) आदि शामिल थे। कार्यक्रम का समापन शिक्षकों के प्रति आभार के साथ हुआ। उपस्थित शिक्षाविदों और अतिथियों ने भी सम्मानित प्राचार्यों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कार्यक्रम का संचालन प्रख्यात कवि दीनबंधु और डॉ अजिता पांडेय ने किया।इस मौके पर डॉ अर्जुन सिन्हा,डॉ अजिता पाण्डेय, डॉ गुड़िया झा, तूलिका सांडिल्य, चंदन सिंह,रिचु सिंह,अमरेंद्र पासवान,प्रभात कुमार,मुकेश कुमार,पंकज कुमार,धीरज कुमार सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।


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By raj

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