Spread the love

👁️ Views: 0

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की संसदीय भूमिका को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल की है। संसद ने 60 से अधिक देशों के साथ “संसदीय मैत्री समूह” बनाए हैं, जिनका उद्देश्य अलग-अलग देशों के साथ सीधे संवाद और सहयोग बढ़ाना है।इस कदम की खास बात यह है कि इसमें सत्ता और विपक्ष — दोनों पक्षों के कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है, ताकि भारत की आवाज़ वैश्विक मंच पर एकजुट होकर पहुंचे। इन समूहों के माध्यम से सांसद विदेशी प्रतिनिधियों से मिलेंगे, विचार साझा करेंगे और आपसी संबंधों को मजबूत करेंगे।हालांकि इस सूची में कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम नहीं होने से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।कई प्रमुख नेताओं को अलग-अलग देशों के साथ संवाद की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें शशि थरूर, अखिलेश यादव, असदुद्दीन ओवैसी और हेमा मालिनी जैसे नेता शामिल हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम संसद के स्तर पर कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश है, जिससे भारत की वैश्विक भूमिका और प्रभाव को और मजबूत किया जा सके।


Spread the love

By raj

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *